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पतंजलि सितोपलादि चूर्ण के फायदे, नुकसान और उपयोग

पतंजलि सितोपलादि चूर्ण के फायदे व नुकसान




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पतंजलि सितोपलादि चूर्ण के फायदे, नुकसान और उपयोग



क्या आपको पता है पतंजलि सितोपलादि चूर्ण के फायदे, नुकसान और उपयोग? कोनसे है, नही! तो आप इस अर्टिकल को ध्यान से पढ़िए और जान लीजिए Sitopaladi Churna Ke Fayde Nuksan Aur Upyog क्या है

सितोपलादि चूर्ण खांसी, जुकाम, गले में खराश और अन्य प्रकार के रोगों को दूर करने में उत्तम सिद्ध होता है। इस चूर्ण को खाने से इन रोगों को आसानी से दूर किया जा सकता है। जिन लोगों को जल्दी सर्दी हो जाती है, उन लोगों को सितोपलादि चूर्ण अवश्य लेना चाहिए। यह एक आयुर्वेदिक चूर्ण है, जो कई बीमारियों को दूर करता है। सितोपलादि चूर्ण क्या हैपतंजलि सितोपलादि चूर्ण के फायदे और नुकसान, सेवन का तरीका, कैसे होता है इसका असर? इसकी जानकारी इस प्रकार है।

Sitopaladi Churna Uses and Benefits in Hindi


    सितोपलादि चूर्ण क्या है?

    आयुर्वेद में सितोपलादि चूर्ण का उल्लेख है और इस चूर्ण का उपयोग खांसी, जुकाम, दमा को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह चूर्ण विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसे बनाने में सिर्फ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इस पाउडर को कई कंपनियां बाजार में बेचती हैं। इसके अलावा आप घर पर ही सितोपलादि चूर्ण खुद भी बना सकते हैं। आइए अब पढ़ते हैं पतंजलि सितोपलादि चूर्ण के फायदे, नुकसान और उपयोग क्या हैं।

    सितोपलादि चूर्ण के लाभ

    सर्दी के लिए सितोपलादि चूर्ण के फायदे

    सितोपलादि चूर्ण के सेवन से सर्दी-जुकाम तुरंत ठीक हो जाता है। जिन लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या रहती है। उन्हें इस चूर्ण का सेवन अवश्य करना चाहिए। इस चूर्ण को खाने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलता है। सर्दी-जुकाम होने पर इसका सेवन करने से दो दिन में ही आराम मिल जाता है।

    खांसी के लिए सितोपलादि चूर्ण के फायदे

    सितोपलादि चूर्ण के सेवन से खांसी भी ठीक हो जाती है। खांसी होने पर इस चूर्ण का एक चम्मच सेवन करें। इस चूर्ण को खाने से खांसी ठीक हो जाती है। सितोपलादि चूर्ण में सूजनरोधी गुण होते हैं। जो खांसी की समस्या को दूर करता है।

    दर्द से राहत




    अक्सर मौसम बदलने पर गले में खराश हो जाती है। कई बार गले में खराश होने पर बुखार भी आ जाता है। गले में खराश होने पर सितोपलादि चूर्ण का सेवन फायदेमंद साबित होता है। इस चूर्ण को लेने से गले की खराश तुरंत दूर हो जाती है और गले को आराम मिलता है। इसके साथ ही सितोपलादि चूर्ण के फायदे गले में टॉन्सिल की समस्या से भी जुड़े होते हैं और इसे खाने से टॉन्सिल और गले का दर्द भी दूर हो जाता है।

    अस्थमा के लिए सितोपलादि चूर्ण के फायदे

    सितोपलादि चूर्ण अस्थमा के रोगियों के लिए भी लाभकारी होता है। सितोपलादि चूर्ण के सेवन से श्वसन तंत्र में होने वाला संक्रमण कम हो जाता है। साथ ही बलगम जमा नहीं होता है। जिससे सांस लेने में दिक्कत न हो और सांस लेने की नलियां ठीक से खुली रहें।


    एलर्जीके लिए सितोपलादि चूर्ण के फायदे

    एलर्जी की समस्या के कारण कई लोगों को एक साथ बहुत छींक आती है। ज्यादा छींक आने की स्थिति में सितोपलादि चूर्ण का सेवन करें। इसे खाने से छींक से राहत मिलेगी।

    भूख की कमी के लिए सितोपलादि चूर्ण के फायदे

    भूख न लगने के कारण उसका खाने का मन नहीं करता है। ऐसे में शरीर में कमजोरी आ जाती है। भूख न लगने की स्थिति में सितोपलादि चूर्ण का सेवन करना चाहिए। सितोपलादि चूर्ण के सेवन से भूख समाप्त होती है और आराम मिलता है।

    हाथ-पैर की जलन के लिए सितोपलादि चूर्ण के फायदे




    सितोपलादि चूर्ण हाथों और पैरों की जलन से भी राहत दिलाता है। इस चूर्ण को लेने से हाथ-पैर की जलन दूर होती है। इसलिए जिन लोगों को अक्सर हाथ पैरों में जलन की शिकायत रहती है उन्हें इस चूर्ण का सेवन जरूर करना चाहिए।

    ये थीं सितोपलादि चूर्ण के फायदों के बारे में जानकारी जब आइए नजर डालते हैं कि सितोपलादि चूर्ण के क्या नुकसान हैं और किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।


    सितोपलादि चूर्ण के नुकसान

    सितोपलादि चूर्ण को लेने से कोई हानि नहीं होती है। हालांकि इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से दिमाग खराब हो सकता है और गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप इसे ज्यादा मात्रा में और बिना किसी परेशानी के न खाएं।
    • सितोपलादि चूर्ण शरीर के रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित कर सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि मधुमेह से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें।
    • सितोपलादि चूर्ण खाने से बहुत से लोगों के पेट में गैस की समस्या हो जाती है।

    सितोपलादि चूर्ण सामग्री

    सितोपलादि चूर्ण को थोड़ी मात्रा में घटकों के साथ मिलाया जाता है। ताकि यह तैयार हो जाए। इसमें मिश्रित सामग्री पूरी तरह से प्राकृतिक है। सितोपलादि चूर्ण को बनाने में प्रयुक्त सामग्री इस प्रकार है।
    • दालचीनी
    • वैन्सलोचन
    • पिप्पी और
    • इलायची




    How to make सितोपलादि चूर्ण (Sitopaladi Churna Recipe in Hindi)

    इसके घटकों के बारे में जानने के बाद, आइए अब जानते हैं कि सितोपलादि चूर्ण बनाने की विधि क्या है। इस चूर्ण में सबसे अधिक मात्रा में वंशलोचन मिलाया जाता है। उसके बाद पिप्पली की मात्रा सबसे अधिक होती है। इस चूर्ण में इलायची और दालचीनी की मात्रा कम होती है। सितोपलादि चूर्ण बनाने के लिए आपको 80 ग्राम वनस्लोचन, 40 ग्राम पिप्पली, 20 ग्राम इलायची और 10 ग्राम दालचीनी की आवश्यकता होगी। इन सभी चीजों को अच्छे से पीस लें। इस मिश्रण को फिर से मिला लें और एक डिब्बे में भरकर रख लें।

    सितोपलादि चूर्ण कैसे बनता है पढ़ने के बाद आइए देखते हैं सितोपलादि चूर्ण कैसे खाया जाता है।

    सितोपलादि चूर्ण कैसे खाएं?

    सितोपलादि चूर्ण का सेवन पानी के साथ नहीं करना चाहिए। इसे शहद या घी के साथ खाया जाता है। एक चम्मच शहद लें और इसमें 3 ग्राम चूर्ण मिलाकर खाएं। इसी तरह एक चम्मच घी गर्म करके सितोपलादि चूर्ण को अपने साथ लें। अगर सूखी खांसी की समस्या है तो इसे शहद के साथ खाना सबसे अच्छा है। वहीं अगर कफ हो तो आधा चम्मच शहद और घी के साथ खा सकते हैं।
    लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न

    सितोपलादि चूर्ण का क्या प्रभाव होता है?

    सितोपलादि चूर्ण के प्रभाव की बात करें तो इसका प्रभाव ठंडा होता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि इसका गर्म प्रभाव पड़ता है जो एक गलत धारणा है।

    सितोपलादि चूर्ण के उपयोग?

    सितोपलादि चूर्ण का प्रयोग कई प्रकार से किया जा सकता है। इस चूर्ण का सेवन करने से खांसी से लेकर जलन जैसी समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है।

    गर्भावस्था के दौरान सितोपलादि चूर्ण लें?

    जी हां, गर्भावस्था के दौरान सितोपलादि चूर्ण का सेवन आसानी से किया जा सकता है। लेकिन एक बार इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।

    क्या इसे खाने के बाद आपको नींद आती है?

    सितोपलादि चूर्ण के सेवन से नींद नहीं आती है। बहुत से लोग सोचते हैं कि इसे खाने के बाद उन्हें अधिक नींद आती है, जो कि गलत जानकारी है।

    पतंजलि सितोपलादि चूर्ण कीमत?

    आप पतंजलि सितोपलादि चूर्ण ऑनलाइन खरीद सकते हैं। इसकी कीमत 455 रुपये है।

    सितोपलादि चूर्ण कितने दिनों तक लेना चाहिए?

    सितोपलादि चूर्ण को एक दिन में अधिक न खाएं। इसका सेवन दिन में दो बार करें। सितोपलादि चूर्ण को एक बार में एक चम्मच से ज्यादा लेने से बचें।


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